सितम्बर माह में खेती के लिये बंपर उपज देंगी ये 5 सब्जियां किसान भाइयों के लिए बहुत फायदेमंद है।

चुकंदर(beetroot farming) की खेती को करने के लिए बलुई दोमट मिट्टी की आवश्यकता | उन्नत किस्में एम. एस. एच. 102,क्रिमसन ग्लोब

मटर (Pea)खेती के लिए मटियार दोमट तथा दोमट भूमि उपयुक्त रहती हैं|  किस्में -जे पी- 885,इन्द्रा ,डी डी आर- 27।

ट्माटर खेती के लिये रेतीली दोमट से लेकर चिकनी मिट्टी, लाल और काली मिट्टी पर उन्नत किस्में ‌पूसा सदाबहार, पूसा रोहिणी, पूसा- 120, पूसागौरव, पी एच- 8,

आलू की खेती के लिए जीवांश युक्‍त बलूई-दोमट मिट्टी ही अच्‍छी होती है।   उन्नत किस्में ‌ जे एच- 222,लेडी रोसैट्टा,कुफरी ज्योति,जे. ई. एक्स. 166 सी.

बीन्स की खेती को बेड़ बनाकर करना चाहिए। बेल वाली किस्म लगाने से अधिक फायदा होगा। काली चिकनी मिट्टी। उन्नत किस्में अर्का कृष्णा,अर्का प्रसिद्ध,  पूसा हिमलता

Brinjal.दोमट और रेतीली मिट्टी बैंगन की खेती के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

Brinjal.दोमट और रेतीली मिट्टी बैंगन की खेती के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

Kohlrabi(गाँठ गोभी) अच्छी पैदावार के लिए भारी दोमट मिट्टी सर्वोत्तम है। मिट्टी का औसत पीएच 6.5-7.0 होनी चाहिए। 

Beans.अच्छी पैदावार के लिए काली चिकनी मिट्टी,समशीतोष्ण जलवायु 

Beans.अच्छी पैदावार के लिए काली चिकनी मिट्टी,समशीतोष्ण जलवायु